में आशा कार्यकर्ता हूँ। देश के स्वास्थ्य को सम्बल देने हेतु मैंने खुद को चुना है समाजसेवा हित मे
जब बीमारी की बात करते है तो सबसे पहले दिमाग मे डॉक्टर की छवि याद आती है और आनी भी चाहिये क्योंकि डॉक्टर बीमारी का उपचार कर हमें फिर से स्वस्थ रहने के अवसर प्रदान करता है।लेकिन क्या आपने सोचा है कि,हमें कभी बीमार ही न होना पड़े और अगर बीमार हो भी जाये तो घर बैठे तुरन्त प्राथमिक उपचार से ही हम पुनः स्वस्थ हो जाये।आप जानते हैं तुरन्त और घर पर उपचार न मिलने से हमें कई नुकसान भी होते है।जैसे इलाज के लिए बाहर जाने से समय की बचत होती है शीघ्र उपचार न मिलने से हमारी रोग प्रतिरोधकक्षमता भी कमजोर होती है।दूर जाने के लिए बीमार व्यक्ति के साथ दूसरे व्यक्ति को भी सहयोग के लिए जाना पड़ता है।जिससे 2 लोगो की दिनचर्या व कार्य पर असर पड़ता है।बाहर जाने के लिए वाहन की व्यवस्था करनी पड़ती है नही होता है तो किसी से माँगना पड़ता है।पेट्रोल या डीजल में लगने वाला पैसा और उपचार में लगने वाला पैसा दोनों खर्च होते है।फिर डॉक्टर फॉलोअप के लिए बुलाते हैं तब दोबारा से इसी क्रम की पुनरावृत्ति होती है और इसी कारण से साथ में जाने वाला व्यक्ति भी बीमार हो जाता है डॉक्टर के यहां अनन्या बीमारियों के मरीज आते हैं तो...